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जीवन में  सफलता  कैसे  पाए ?- निबंध

 

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 अगर तुम  ठान लो,
तारे गगन  के तोड़  सकते  हो,
अगर तुम  ठान  लो ,
तुफान का मुख मोड़ सकते  हो |

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 जोवन में ऐसा कोई कार्य नहीं जिसे मानव कर ना सके। जीवन ऐसी कोई समस्या नहीं जिसका  समाधान न हो सके जीवन में संगम, सदाचार, प्रेम, निर्भयता , पवित्रता, दृढ आत्मविश्वास और उत्तम संग हो तो  विद्यार्थी  के लिए अपना लक्ष्य  प्राप्त करना आसान  हो जाता है। यदि विद्यार्थी बौद्धिक विकास के लिए कुछ प्रयोग को समझ सले , तो उनके लिए परीक्षा में अच्छे अंका लाना आसान हो जाएगा।

विद्याथी को चाहिए कि रोज सुबह सूर्योदय से पहले  उठकर सबसे पहले आपने इष्ट का, गुरु का स्मरण करे। रात को देर तक न पढ़े , सुबह जल्दी उठकर  अध्यन  करें तो इससे  पढ़ा हुआ  शीघ्र याद हो जाता है। जब  परीक्षा दने जाये तो तनाव चिंता  से युक्त होकर नही, प्रसन्न  होकर जाए। परीक्षा भवन में जब  तक प्रश्न पत्र हाथ  में नहीं आता तक मन शांत  तथा प्रसन्ता  को बनाए रखे । प्रश्न  पत्र हाथ  में आने पर उसे एक बार पूरा पढ़  लेना चाहिए और जिस  प्रश्न का उत्तर आता हो  उसे पहले लिखें। ऐसा नहीं कि जो  प्रश्न नहीं आता जस ऐदेख कर घबरा  जाए। घबराने  से जो प्प्रश्न आता है  वह भी  भूल जायगा।

जो  प्रश्न आते है उन्हें  हल करने के बाद जो नही आते उनकी और ध्यान दें। अंदर दृढ विश्वास रखे मुझे  ये भी आ जाएगा । अंदर से निर्भय रहे और फिर लिखना शुरु करे , धीरे धीरे उन प्रश्नों के उत्तर भी याद आ जाएंगे। मुख्य बात यह है कि किसी भी कीमत पर धैर्य  न खोए । निर्भयता और आत्मविश्वास  बनाये  रखे | 

विद्यार्थी को सदैव अपने जीवन में बुरे संग से बचना चाहिए। अगर  विद्यार्थी अपना  विद्यार्थी जीवन संभाल लिया तो उसका भावी  जीवन भी संभाल जाता है। क्योंकि विद्यार्थी जीवन ही भावी जीवन की आधारशिला है। यदि नीव  दृद्ध होता है तो उस पर बना विशाल भवन भी दृढ और स्थायी होता है।
 विद्यार्थीकाल मानव जीवन की नीव के समान है, अतः  उसको सुदृढ बनाना चाहिए। इन बातों को समझाकर उस पर अमाल किया जाए तो हर  परीक्षा में विद्यार्थी सफल हो सकता है।
Motivation


हे  विद्यार्थीयों  उठो - जागो\... और कमर कस  लो । दृढता से ,  निर्भयता से जुट पड़ो । बुरे लोगो को तयागकर  माता पिता, अध्यापकों के मागदर्शन के अनुसार चाल पड़ो || 
सफलता तुम्हारे  कदम चूमेगी .
 
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