World Population Day- Hindi

World Population Day- Hindi

_Aditya Mishra Blogger

 Twitter: @voiceaditya

World Population Day- Hindi

जनसंख्या हमारे लिए क्यों समस्या बन रही है ,यह समझने के लिए सबसे पहले हमें अपनी सामाजिक व्यवस्था को समझना होगा | उदाहरण के लिए भारत का जमीनी क्षेत्रफल जितना कुछ समय पहले था उतना ही आज भी है , लेकिन जनसंख्या काफी बढ़ गई है उसी तरह जो संसाधन जैसे -पानी ,कोयला, पेट्रोल, पेड़-पौधे, जिनका हम अपने जीवन में अलग-अलग प्रकार से इस्तेमाल करते हैं, उन सभी की संख्या कम हो रही है लेकिन जनसंख्या लगातार बढ़ रही है|
 
बात सिर्फ संसाधनों की नहीं है, बात है किसी चीज की अधिकता की| समाज में हर एक वस्तु का एक निश्चित अनुपात हमारे बीच मौजूद रहना चाहिए| अगर ,किसी एक की भी संख्या तेजी से बढ़ने लगती है तो उसका असर आने वाले समय में कई अन्य वस्तुओं के अस्तित्व पर पड़ता है| अब अगर, इसे परिवार के उदाहरण से समझने की कोशिश करें तो किसी परिवार में कम बच्चे होने का सीधा सा मतलब है उन्हें बेहतर सुविधाओं का मिलना माता-पिता सभी बच्चों के साथ समान व्यवहार करते हैं| लेकिन, कई बार आर्थिक मजबूरी के कारण संसाधन बैठ जाते हैं और बंटवारा सुविधाओं से उलट होता है|
World Population Day- Hindi
 Sketch by @vishalverma_0_0_

11 July - world population day

 
सोचने में ये थोड़ा अजीब लगता है कि जो जन्म ले रहा है उसके लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध ना हो पाना कहां तक सही है? लेकिन, हमें अपनी परिस्थितियों को समझना होगा अगर बेहतर शिक्षा ,बेहतर स्वास्थ्य ,बेहतर खानपान, इन सब सुविधाओं का इस्तेमाल करना है तो हमें जनसंख्या पर नियंत्रण लगाना ही होगा| बात सिर्फ इतनी सी नहीं आप कहीं यात्रा करने जाते हैं तो टिकट मिलना इतना आसान नहीं होता, कहीं परीक्षा में आवेदन करते हैं तो कंपटीशन का स्तर काफी बढ़ चुका है| यहां समस्या कंपटीशन बढ़ने से नहीं है ,समस्या लोगों की अधिकता से है| कई बार तो ज्यादा भीड़भाड़ और अव्यवस्था के कारण पूरी परीक्षा ही कैंसिल हो जाती है| भारत में ही इतने पढ़े-लिखे लोग मौजूद होने के बाद भी रोजगार की स्थिति काफी खराब है| इसके लिए सरकारें जितनी जिम्मेदार हैं उतना ही हम भी जिम्मेदार हैं|
 
जनसंख्या नियंत्रण से सीधा सा मतलब आदमियों की वैल्यू को बढ़ाना है| समाज में भीड़ तंत्र को कम करना, योग्य लोगों की संख्या बढ़ाना, और सभी के लिए बेहतर सुविधाएं लंबे समय तक उपलब्ध करवाना इसका मुख्य उद्देश्य है। इसीलिए बार-बार भारत सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग उठ रही है |पूर्णा काल में ही आपने अनुभव किया होगा कि इतनी सारी जनसंख्या होना हमारे लिए खतरे से खाली नहीं है |एक बेसिक बात और  समझनी होगी कि जितने लोग धरती पर मौजूद हैं ,इनसे कोई समस्या नहीं है जो आने वाले हैं उनकी गति पर नियंत्रण लगाना जनसंख्या नियंत्रण है।

11 July - world population day


 Rank  
2020
Country Population
2020
(in million)
Population
 by 
2050
 (in million)
Rank
 by
2050
 1         China 1439  1402 2
 2 India      1380            1693             1
 3 USA 331 379 4
(information source: wikipedia)


 कबीर दास का एक दोहा है- अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप |अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप |यही नियम जनसंख्या के मामले में भी लागू होता है| जब समाज में निश्चित संख्या से अधिक लोग हो जाते हैं, फिर यहां का संतुलन बिगड़ने लगता है| जिसके दुष्परिणाम बेरोजगारी, भुखमरी और अन्य अव्यवस्थाओं के रूप में नजर आते हैं|

 जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर इसी संतुलन को दोबारा बरकरार करने की कोशिश की जाएगी समाज में सभी को बराबर का हक तभी मिलेगा जब समाज में लोग भी बराबर मात्रा में होंगे एक परिवार के स्तर पर अगर समझे तो ज्यादा सदस्य होने के बाद परिवार भी सही से नहीं चल पाता| खान-पान से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए कटौती करनी पड़ती है| इसलिए जरूरी है कि हम समाज में जनसंख्या को भी एक लगाम लगाकर नियंत्रित रखें|

Thank you for reading 11 July World Population Day-Hindi

 Also, read
 










 

Read the English translation of the above article

World Population Day- Hindi

(Translated by Google translator)


 World Population Day- Hindi
To understand why the population is becoming a problem for us, first of all, we have to understand our social system. For example, the land area of ​​India was as much as it was some time ago, but the population has increased a lot. Resources like water, the number of coal, petrol, tree, plants that we use in different ways in our life is decreasing but the population is continuously increasing.
 
It is not just about resources, it is a matter of excess of something, a certain proportion of everything in the society should be present among us.  If the number of anyone starts increasing rapidly, then its effect will be in the future. But now if we try to understand this from family example, then fewer children in a family,  simply means that they get better facilities. Parents treat all children equally. But sometimes due to financial problems, the resources sit.
World Population Day- Hindi

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It is a little strange to think that it is not right to have all the facilities available for the person who is taking birth. But, we have to understand our circumstances, if better education, better health, better catering is to use all these facilities then we will have to control the population.  It is not just that much; if you go to travel somewhere, then getting a ticket is not so easy, if you apply in the exam, then the level of competition has increased a lot. The problem is not due to increasing competition. The problem is more than many people. Sometimes, due to overcrowding and chaos, the entire examination is canceled. Despite the presence of such educated people in India, the employment situation is very bad. For this, we are responsible as much as the governments.
 
Population control is directly meant to increase the value of men, reduce the crowded system in the society, increase the number of eligible people, and provide better facilities for all in the long run. That is why, again and again, there has been a demand from the Government of India to make a population control law.  During the old period, you must have realized that having so many populations is jeopardous for us.  One basic thing that needs to be understood, that as many people exist on earth is not a problem. Population control is to control the speed of those who are coming.

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2020
Country Population 
2020
(in million)
Population
 by 
2050
 (in million)
Rank
 by
2050
 1         China 1439  1402 2
 2 India      1380            1693             1
 3 USA 331 379 4
(information source: wikipedia)

Kabir Das has a couplet - Too much speaking not well,  Too many blessings are not good. No rain is good, no sunshine. The same rule also applies in the case of population. When there are more than a certain number of people in society, then the balance starts deteriorating here. The consequences of which are seen in the form of unemployment, starvation, and other disorder. An attempt will be made to restore this balance by creating a population control law. Everyone in the society will get equal rights only when the people in the society will also be equal, if at the level of a family, if the family becomes more members then it is not right Could walk For food and other facilities, the deduction has to be made. Therefore it is important that we control the population in the society by putting a check

Thank you for reading the English translation of the above article.
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