Veeras Kavita/ Hindi Poem

Veeras Kavita/ Hindi Poem

"युद्ध" यह शब्द दिखने मे जितना छोटा है, इसके परिणाम उतना ही भयावह होता है| विजय किसी की भी  हो, विनाश दोनो तरफ़ सामान ही होता है| |Veeras Kavita/ Hindi Poem |

युद्ध का परिणाम क्या है?

कवि -राणा प्रताप सिंह


किसको भान नही की द्वंद्व का परिणाम क्या है?
है अगर, तो फिर इस युद्ध का काम क्या है,
अक्सर इस दुविधा में मैं मनुष्य बैठा रहता हूँ ,
मन की उठती व्यथा को करुणा कहता रहता हूँ,
कहिये कितने हर्षित होते  हैं उस कलिंग की गाथा से,
कितनो में उन्माद उठा है विश्व युद्ध की परिभाषा से,
क्या इन्ही मौन संवादों से तुम विचलित न होते हो?
क्या उठे इन्ही प्रश्नों के उत्तर न ढूंढा करते हो?

Veeras Kavita/ Hindi Poem

हां अगर ,तो फिर कहो इस युद्ध का परिणाम क्या है,
मानवता का नरसंहार है,तो जीत पर अभिमान क्या है,
अब कामना है ,कुछ नव विचार भगवन दीजिये,
लीजिये अपने शरण में ज्ञान सबको दीजिये,
कि हर मनुष्य कहता रहे इस सृष्टि का कल्याण हो।
कल्याण हो!

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2 comments:

Ayush Singh said...

Mast likha h bhai������

Rohan Sharma said...

Nice words brother

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Thank you for reading. Stay tuned for more writeups.