Motivational Poem in Hindi

Motivational Poem in Hindi

तू क्यूँ रुका है, किसका है तुझे इंतज़ार ???

_विमर्श 

Credits Ig: @essaylikhnewala
@mrkapture
तू क्यूँ रुका है, किसका है तुझे इंतज़ार 
दिख रही है मंजिल तुझे फिर क्यों सोचे है बार बार 
तू निकल जा चिंता के जाल से
 पोछ दे असफलता के आंसू नयी आशा के रुमाल से
तू दौड़ना भी सीख जायेगा ,चल तो सही 
मंज़िल भी पाएगा अपना पथ चुन तो सही 
 
सफर में खड़ा हो जाये हिम सा पहाड़ अगर ,
तू गंगा बन उसकी छाती चीर देगा तू बह तो  सही 
अगर चाँद ही है चकोर की मंज़िल तो , ऐ चकोर उड तो  सही 
अपने पैरो पर खड़ा होना है  अगर  तुझे
 पहले ठोकर खा कर गिर तो सही 
अगर ख्वाइश   है तेरी सोने सा  निखरने  की
 पहले तपती आग में जल तो सही
Credits Ig: @essaylikhnewala
@vivek mishra


रेगिस्तान में चलेगा तो रेत ही मिलेगी ,
तपती दोपहर में प्यास भी लगेगी
तू होकर बेचैन तड़पेगा भी ,
रेगिस्तान का हर  कण तुझसे लड़ेगा भी  
भय की प्रचंड लहरों से तेरे
अन्तर में एक प्रश्नों का बवण्डर भी उमड़ जायेगा
 लेकिन याद रखना समय अपनी गति से ही  बीत जायेगा
अगर फ़स गया इन सवालों के जाल में 
तेरी तड़प का परिणाम तेरे पक्ष में न आएगा


Credits Ig: @essaylikhnewala
@mrkapture
दिखा थोड़ी हिम्मत बढा अपने कदम , देदे  सूर्य को चेतावनी तू  
अगर तेरी मंज़िल मांगे मस्तक तेरा 
तू अपना शीश उसके समक्ष झुका तो सही
तू क्यों रुका है किसका है तुझे इंतज़ार ,
दिख रही है मंजिल तुझे फिर क्यों सोचे बार बार।।

Thank you for reading Motivational Poem in Hindi

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3 comments:

Explorer ankit said...

That really motivational for us nyc

Unknown said...

👏👏👏

Unknown said...

It's great

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Thank you for reading. Stay tuned for more writeups.